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7. Al-A'raaf

The Heights · Meccan · 206 ayahs

سُورَةُ الأَعۡرَافِ

Reading Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Qur'an by Tafsir Center for Quranic Studies

Ayahs 11–20 of 206

11

وَلَقَدْ خَلَقْنَٰكُمْ ثُمَّ صَوَّرْنَٰكُمْ ثُمَّ قُلْنَا لِلْمَلَٰٓئِكَةِ ٱسْجُدُوا۟ لِءَادَمَ فَسَجَدُوٓا۟ إِلَّآ إِبْلِيسَ لَمْ يَكُن مِّنَ ٱلسَّٰجِدِينَ

हालाकि इसमें तो शक ही नहीं कि हमने तुम्हारे बाप आदम को पैदा किया फिर तुम्हारी सूरते बनायीं फिर हमनें फ़रिश्तों से कहा कि तुम सब के सब आदम को सजदा करो तो सब के सब झुक पड़े मगर शैतान कि वह सजदा करने वालों में शामिल न हुआ।

(ऐ लोगो!) हमने तुम्हारे पिता आदम को बनाया, फिर हमने उसे सबसे अच्छा रूप और सबसे अच्छा आकार दिया, फिर हमने फ़रिश्तों को उसके सम्मान में सजदा करने का आदेश दिया। तो उन्होंने पालन किया और सजदा किया, सिवाय इबलीस के। उसने अहंकार और हठ करते हुए सजदा करने से इनकार कर दिया।

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12

قَالَ مَا مَنَعَكَ أَلَّا تَسْجُدَ إِذْ أَمَرْتُكَ ۖ قَالَ أَنَا۠ خَيْرٌۭ مِّنْهُ خَلَقْتَنِى مِن نَّارٍۢ وَخَلَقْتَهُۥ مِن طِينٍۢ

ख़ुदा ने (शैतान से) फरमाया जब मैनें तुझे हुक्म दिया कि तू फिर तुझे सजदा करने से किसी ने रोका कहने लगा मैं उससे अफ़ज़ल हूँ (क्योंकि) तूने मुझे आग (ऐसे लतीफ अनसर) से पैदा किया

अल्लाह ने इबलीस को फटकार लगाते हुए कहा : आदम को सजदा करने की मेरी आज्ञा का पालन करने से तुझे किस बात ने रोका? इबलीस ने अपने रब को जवाब देते हुए कहा : मुझे इस बात ने रोका कि मैं उससे बेहतर हूँ। क्योंकि तूने मुझे आग से पैदा किया और उसे मिट्टी से बनाया, और आग मिट्टी से अधिक प्रतिष्ठित है।

Al-A'raaf 7:12Listen in Qur'an →
13

قَالَ فَٱهْبِطْ مِنْهَا فَمَا يَكُونُ لَكَ أَن تَتَكَبَّرَ فِيهَا فَٱخْرُجْ إِنَّكَ مِنَ ٱلصَّٰغِرِينَ

और उसको मिट्टी (ऐसी कशीफ़ अनसर) से पैदा किया ख़ुदा ने फरमाया (तुझको ये ग़ुरूर है) तो बेहश्त से नीचे उतर जाओ क्योंकि तेरी ये मजाल नहीं कि तू यहाँ रहकर ग़ुरूर करे तो यहाँ से (बाहर) निकल बेशक तू ज़लील लोगों से है

अल्लाह ने उससे कहा : जन्नत से उतर जा। तुझे यहाँ अहंकार करने का अधिकार नहीं है; क्योंकि यह अच्छे तथा पवित्र लोगों का घर है। इसलिए तेरा इसमें रहना उचित नहीं है। निश्चय - ऐ इबलीस! - तू तुच्छ और अपमानित है, भले ही तू अपने आपको आदम से अधिक प्रतिष्ठित समझता हो।

Al-A'raaf 7:13Listen in Qur'an →
14

قَالَ أَنظِرْنِىٓ إِلَىٰ يَوْمِ يُبْعَثُونَ

कहने लगा तो (ख़ैर) हमें उस दिन तक की (मौत से) मोहलत दे

इबलीस ने कहा : ऐ मेरे पालनहार! मुझे पुणः जीवित किए जाने के दिन तक का समय दे, ताकि मैं उन लोगों को बहका सकूँ जिन्हें मैं बहका सकता हूँ।

Al-A'raaf 7:14Listen in Qur'an →
15

قَالَ إِنَّكَ مِنَ ٱلْمُنظَرِينَ

जिस दिन सारी ख़ुदाई के लोग दुबारा जिलाकर उठा खड़े किये जाएगें

अल्लाह ने उससे कहा : निःसंदेह - ऐ इबलीस! - तू उन मोहलत दिए जाने वालों में से है, जिनकी मृत्यु सूर में प्रथम फूँक मारने के दिन लिखी गई है, जब सारी सृष्टि मर जाएगी, और केवल उनका स्रष्टा बाक़ी रहेगा।

Al-A'raaf 7:15Listen in Qur'an →
16

قَالَ فَبِمَآ أَغْوَيْتَنِى لَأَقْعُدَنَّ لَهُمْ صِرَٰطَكَ ٱلْمُسْتَقِيمَ

फ़रमाया (अच्छा मंजूर) तुझे ज़रूर मोहलत दी गयी कहने लगा चूँकि तूने मेरी राह मारी तो मैं भी तेरी सीधी राह पर बनी आदम को (गुमराह करने के लिए) ताक में बैठूं तो सही

इबलीस ने कहा : इस कारण कि तूने मुझे गुमराह किया, कि मैंने आदम को सजदा करने के तेरे आदेश का पालन करना छोड़ दिया, मैं अवश्य ही आदम की संतान के लिए तेरे सीधे रास्ते पर बैठूँगा; ताकि मैं उन्हें उससे भटका दूँ और उन्हें पथभ्रष्ट कर दूँ, जिस तरह मैं उनके पिता आदम को सजदा करने से भटक गया।

Al-A'raaf 7:16Listen in Qur'an →
17

ثُمَّ لَءَاتِيَنَّهُم مِّنۢ بَيْنِ أَيْدِيهِمْ وَمِنْ خَلْفِهِمْ وَعَنْ أَيْمَٰنِهِمْ وَعَن شَمَآئِلِهِمْ ۖ وَلَا تَجِدُ أَكْثَرَهُمْ شَٰكِرِينَ

फिर उन लोगों से और उनके पीछे से और उनके दाहिने से और उनके बाएं से (गरज़ हर तरफ से) उन पर आ पडूंगा और (उनको बहकाउंगा) और तू उन में से बहुतरों की शुक्रग़ुज़ार नहीं पायेगा

फिर मैं उनके पास हर तरफ़ से आख़िरत के प्रति अरुचि पैदा करने, दुनिया के प्रति रुचि पैदा करने, दिलों में संदेह डालने और इच्छाओं को सुसज्जित करने के साथ आऊँगा। तथा मैं उनके अंदर कुफ़्र की बात इस क़दर डालूँगा कि तू उनमें से अधिकतर लोगों को अपना आभारी नहीं पाएगा।

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18

قَالَ ٱخْرُجْ مِنْهَا مَذْءُومًۭا مَّدْحُورًۭا ۖ لَّمَن تَبِعَكَ مِنْهُمْ لَأَمْلَأَنَّ جَهَنَّمَ مِنكُمْ أَجْمَعِينَ

ख़ुदा ने फरमाया यहाँ से बुरे हाल में (राइन्दा होकर निकल) (दूर) जा उन लोगों से जो तेरा कहा मानेगा तो मैं यक़ीनन तुम (और उन) सबको जहन्नुम में भर दूंगा

अल्लाह ने उससे कहा : (ऐ इबलीस!) तू निंदित और अल्लाह की दया से धुत्कारा हुआ जन्नत से निकल जा। निश्चय मैं क़ियामत के दिन जहन्नम को तुझसे और हर उस व्यक्ति से अवश्य भर दूँगा जो तेरे पीछे चलेगा और तेरी बात मानेगा और अपने रब की आज्ञा का उल्लंघन करेगा।

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19

وَيَٰٓـَٔادَمُ ٱسْكُنْ أَنتَ وَزَوْجُكَ ٱلْجَنَّةَ فَكُلَا مِنْ حَيْثُ شِئْتُمَا وَلَا تَقْرَبَا هَٰذِهِ ٱلشَّجَرَةَ فَتَكُونَا مِنَ ٱلظَّٰلِمِينَ

और (आदम से कहा) ऐ आदम तुम और तुम्हारी बीबी (दोनों) बेहश्त में रहा सहा करो और जहाँ से चाहो खाओ (पियो) मगर (ख़बरदार) उस दरख्त के करीब न जाना वरना तुम अपना आप नुक़सान करोगे

और अल्लाह ने आदम से कहा : ऐ आदम! तुम और तुम्हारी पत्नी हव्वा जन्नत में रहो। अतः उसमें जो अच्छी चीजें हैं, उनमें से जो चाहो खाओ, और इस पेड़ (एक पेड़ जिसे अल्लाह ने उनके लिए निर्दिष्ट किया) से मत खाओ। क्योंकि यदि तुम मेरे मना करने के बाद भी उसमें से कुछ खाओगे, तो तुम अल्लाह की सीमाओं का उल्लंघन करने वालों में से हो जाओगे।

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20

فَوَسْوَسَ لَهُمَا ٱلشَّيْطَٰنُ لِيُبْدِىَ لَهُمَا مَا وُۥرِىَ عَنْهُمَا مِن سَوْءَٰتِهِمَا وَقَالَ مَا نَهَىٰكُمَا رَبُّكُمَا عَنْ هَٰذِهِ ٱلشَّجَرَةِ إِلَّآ أَن تَكُونَا مَلَكَيْنِ أَوْ تَكُونَا مِنَ ٱلْخَٰلِدِينَ

फिर शैतान ने उन दोनों को वसवसा (शक) दिलाया ताकि (नाफरमानी की वजह से) उनके अस्तर की चीज़े जो उनकी नज़र से बेहश्ती लिबास की वजह से पोशीदा थी खोल डाले कहने लगा कि तुम्हारे परवरदिगार ने दोनों को दरख्त (के फल खाने) से सिर्फ इसलिए मना किया है (कि मुबादा) तुम दोनों फरिश्ते बन जाओ या हमेशा (ज़िन्दा) रह जाओ

फिर इबलीस ने उन दोनों के मन में एक गुप्त बात डाली, ताकि उनके लिए प्रकट कर दे जो कुछ उनके गुप्तांगों में से उनसे छिपाया गया था। उसने उन दोनों से कहा : अल्लाह ने तुम दोनों को इस पेड़ से खाने से केवल इसलिए मना किया है कि कहीं तुम दोनों फ़रिश्ते न हो जाओ, अथवा जन्नत में हमेशा रहने वालों में से न हो जाओ।

Al-A'raaf 7:20Listen in Qur'an →

Commentary: Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Qur'an by Tafsir Center for Quranic Studies. Qur'an text and translation via AlQuran Cloud.