وَإِذْ أَوْحَيْتُ إِلَى ٱلْحَوَارِيِّۦنَ أَنْ ءَامِنُوا۟ بِى وَبِرَسُولِى قَالُوٓا۟ ءَامَنَّا وَٱشْهَدْ بِأَنَّنَا مُسْلِمُونَ
और जब मैने हवारियों से इलहाम किया कि मुझ पर और मेरे रसूल पर ईमान लाओ तो अर्ज़ करने लगे हम ईमान लाए और तू गवाह रहना कि हम तेरे फरमाबरदार बन्दे हैं
तथा तुम अपने ऊपर मेरे इस उपकार को भी याद करो कि मैंने तुम्हें कुछ सहायक प्रदान किए जब मैंने हवारियों (साथियों) के दिल में यह बात डाल दी कि वे मुझ पर और तुम पर ईमान लाएँ। तो उन्होंने आज्ञा मानी और जवाब देते हुए कहा : हम ईमान लाए, और - ऐ हमारे रब! - तू गवाह रह कि हम तेरे आज्ञाकारी और अधीन हैं।