لَّقَدْ سَمِعَ ٱللَّهُ قَوْلَ ٱلَّذِينَ قَالُوٓا۟ إِنَّ ٱللَّهَ فَقِيرٌۭ وَنَحْنُ أَغْنِيَآءُ ۘ سَنَكْتُبُ مَا قَالُوا۟ وَقَتْلَهُمُ ٱلْأَنۢبِيَآءَ بِغَيْرِ حَقٍّۢ وَنَقُولُ ذُوقُوا۟ عَذَابَ ٱلْحَرِيقِ
जो लोग (यहूद) ये कहते हैं कि ख़ुदा तो कंगाल है और हम बड़े मालदार हैं ख़ुदा ने उनकी ये बकवास सुनी उन लोगों ने जो कुछ किया उसको और उनका पैग़म्बरों को नाहक़ क़त्ल करना हम अभी से लिख लेते हैं और (आज तो जो जी में कहें मगर क़यामत के दिन) हम कहेंगे कि अच्छा तो लो (अपनी शरारत के एवज़ में) जलाने वाले अज़ाब का मज़ा चखो
अल्लाह ने यहूदियों के कथन को सुना जब उन्होंने कहा : “अल्लाह गरीब है क्योंकि उसने हमसे ऋण मांगा है, और हमारे पास जो धन है उससे हम समृद्ध हैं।” उन्होंने अपने पालनहार पर जो मिथ्यारोपण किया है, हम उसे तथा उनके अनाधिकार अपने नबियों की हत्या करने को भी अवश्य लिख लेंगे। और हम उनसे कहेंगे : लो, आग में जला देने वाली यातना का मज़ा चखो।