وَإِذْ غَدَوْتَ مِنْ أَهْلِكَ تُبَوِّئُ ٱلْمُؤْمِنِينَ مَقَٰعِدَ لِلْقِتَالِ ۗ وَٱللَّهُ سَمِيعٌ عَلِيمٌ
और (ऐ रसूल) एक वक्त वो भी था जब तुम अपने बाल बच्चों से तड़के ही निकल खड़े हुए और मोमिनीन को लड़ाई के मोर्चों पर बिठा रहे थे और खुदा सब कुछ जानता और सुनता है
तथा (ऐ नबी) आप उस समय को याद कीजिए, जब आप मदीना से, उहुद के मैदान में, मुश्रिकों से युद्ध के लिए निकल पड़े, जहाँ आपने ईमान वालों को उनके युद्ध के स्थानों पर नियुक्त करना आरंभ किया। चुनांचे आपने प्रत्येक व्यक्ति को उसका स्थान बताया। और अल्लाह तुम्हारी बातों को सुनने वाला, तुम्हारे कामों को जानने वाला है।