وَٱلَّذِينَ هَاجَرُوا۟ فِى ٱللَّهِ مِنۢ بَعْدِ مَا ظُلِمُوا۟ لَنُبَوِّئَنَّهُمْ فِى ٱلدُّنْيَا حَسَنَةًۭ ۖ وَلَأَجْرُ ٱلْءَاخِرَةِ أَكْبَرُ ۚ لَوْ كَانُوا۟ يَعْلَمُونَ
और जिन लोगों ने (कुफ्फ़ार के ज़ुल्म पर ज़ुल्म सहने के बाद ख़ुदा की खुशी के लिए घर बार छोड़ा हिजरत की हम उनको ज़रुर दुनिया में भी अच्छी जगह बिठाएँगें और आख़िरत की जज़ा तो उससे कहीं बढ़ कर है काश ये लोग जिन्होंने ख़ुदा की राह में सख्तियों पर सब्र किया
और जिन लोगों ने काफ़िरों का अत्याचार सहने के बाद, अल्लाह की प्रसन्नता प्राप्त करने के लिए कुफ़्र के देश से इस्लाम के देश की ओर हिजरत करते हुए अपने घर-बार, बीवी-बच्चों और धन-दौलत को छोड़ दिया, हम उन्हें इस दुनिया में एक ऐसे घर में उतारेंगे, जिसमें वे ससम्मान रहेंगे। और आख़िरत का बदला इससे अधिक बड़ा है, क्योंकि उसमें जन्नत भी शामिल है। यदि हिजरत से पीछे रहने वाले हिजरत करने वालों का प्रतिफल जान लेते, तो उससे पीछे न रहते।