لِيَجْزِىَ ٱللَّهُ كُلَّ نَفْسٍۢ مَّا كَسَبَتْ ۚ إِنَّ ٱللَّهَ سَرِيعُ ٱلْحِسَابِ
ताकि ख़ुदा हर शख़्श को उसके किए का बदला दे (अच्छा तो अच्छा बुरा तो बुरा) बेशक ख़ुदा बहुत जल्द हिसाब लेने वाला है
ताकि अल्लाह हर प्राणी को उसका बदला दे, जो भी उसने अच्छा या बुरा किया है। निःसंदेह अल्लाह कार्यों का शीघ्र हिसाब लेने वाला है।